Friday, February 22, 2019

मुफ्त फोटोकॉपीसे रु 99 लाख प्रति वर्ष कमा सकते हैं, सच में ? !!!!


क्या आपको फोटोकॉपी की आवश्यकता है ? क्या मूर्खतापूर्ण सवाल है ! हर किसी को फोटोकॉपी की आवश्यकता होती है जिसे हम ज़ेरॉक्स के ब्रांड नाम से ज़ेरॉक्स कॉपी कहते हैं। जैसा कि collins डिक्शनरी द्वारा परिभाषित किया गया है । एक फोटोकॉपी एक फोटोकॉपीयर का उपयोग करके बनाए गए दस्तावेज़ की एक प्रति या कॉपी है। वेबसाइट विकिपीडिया के अनुसार, फोटोकॉपीयर ( जिसे एक कापियर या कॉपी मशीन के रूप में भी जाना जाता है ) एक ऐसी मशीन है जो दस्तावेजों या अन्य इमेजिस की प्रतियां कागज या प्लास्टिक की फिल्म पर जल्दी और सस्ते में बनाती है । अधिकांश आधुनिक फोटोकॉपीयर एक तकनीक का उपयोग करते हैं जिसे जेरोग्राफी कहा जाता है । ये एक सूखी प्रक्रिया जो एक प्रकाश-संवेदनशील फोटोरिसेप्टर पर इलेक्ट्रोस्टैटिक चार्ज का उपयोग करती है और एक छवि के रूप में कागज पर टोनर कणों (एक पाउडर) को स्थानांतरित करती है । ताप, दबाव या दोनों का संयोजन तब कागज पर टोनर को फ्यूज करने के लिए उपयोग किया जाता है । कॉपियर्स अन्य तकनीकों जैसे स्याही जेट का भी उपयोग कर सकते हैं, लेकिन ऑफिस की नकल के लिए जैरोग्राफ़ी स्टैण्डर्ड है । पहले के संस्करणों में गैस्टनर स्टैंसिल डुप्लिकेट शामिल थे, जिसका आविष्कार डेविड गेस्टेनर ने 1881 में किया था । 1959 में ज़ेरॉक्स द्वारा कमर्शियल ज़ेरोग्राफ़िक ऑफिस फोटोकॉपी की शुरुआत की गई थी, और इसने धीरे-धीरे वेरिफ़ैक्स, फोटोटैट, कार्बन पेपर, माइमोग्राफ मशीन और अन्य डुप्लिकेटिंग मशीनों द्वारा बनाई गई कोपिस को बदल दिया ।
 
फोटोकॉपी कैसे काम करता है? यह नीचे दिए गए अनुसार स्टेप्स से काम करता है।

  •  चार्जिंग: बेलनाकार ड्रम इलेक्ट्रोस्टैटिक रूप से एक उच्च वोल्टेज तार द्वारा चार्ज किया जाता है जिसे कोरोना वायर या चार्ज रोलर कहा जाता है । ड्रम में एक फोटोकॉन्डक्टिव सामग्री का एक कोटिंग होता है । एक फोटोकॉन्डक्टर एक अर्धचालक है जो प्रकाश के संपर्क में आने पर प्रवाहकीय हो जाता है ।
  • एक्सपोजर: एक हाई वोल्टेज लाइट मूल दस्तावेज को रोशन करता है, और मूल दस्तावेज के सफेद क्षेत्रों को फोटोकॉन्डक्टिव ड्रम की सतह पर प्रकाश को प्रतिबिंबित करता है । ढोल के क्षेत्र जो प्रकाश के संपर्क में हैं, प्रवाहकीय हो जाते हैं और इसलिए जमीन में निर्वहन करते हैं । ड्रम का क्षेत्र प्रकाश के संपर्क में नहीं है (वे क्षेत्र जो मूल दस्तावेज के काले हिस्से के अनुरूप हैं) जो नकारात्मक रूप से चार्ज रहते हैं ।
  • विकसित करना: टोनर को सकारात्मक रूप से चार्ज किया जाता है। जब यह छवि विकसित करने के लिए ड्रम पर लगाया जाता है, तो यह आकर्षित होता है और उन क्षेत्रों से चिपक जाता है जो नकारात्मक रूप से चार्ज किए गए (काले क्षेत्र) होते हैं ।
  • स्थानांतरण: ड्रम की सतह पर परिणामी टोनर छवि को ड्रम की तुलना में उच्च नकारात्मक चार्ज के साथ कागज के एक टुकड़े पर ड्रम से स्थानांतरित किया जाता है ।
  • फ्यूज़िंग: टोनर को पिघला कर गर्मी और प्रेशर रोलर्स द्वारा कागज पर बांधा जाता है ।


 मुफ्त फोटोकॉपी ? हाँ । केवल दस्तावेजों के लिए आप अपने प्रत्येक ग्राहक को मुफ्त फोटोकॉपी दे सकते हैं । एक फोटोकॉपी की कीमत रिटेल बाजार रु 2 प्रति कोपी है लेकिन, आप उन एडवरटाइजर्स से शुल्क ले सकते हैं जो फोटोकॉपी के पीछे advertisement देते हैं। यह एक विन - विन की स्थिति है। विज्ञापनदाता की इच्छा है कि आप महीनों से सालों तक उसके विज्ञापन को सम्भालके रखें । पैम्फलेट जो न्यूज़पेपर्स में डाले जाते है, उसे पढ़ने के बाद लोग पैम्फलेट को फेंक देते हैं। लेकिन, यदि advertisement उनके दस्तावेज़ की फोटोकॉपी के पीछे है, तो वे वर्षों तक कागज को सम्भालके रखेंगे और बार-बार advertisement देखेंगे ।

दूसरी ओर, ग्राहकों को उनके दस्तावेजों की मुफ्त फोटोकॉपी मिलती है और वे बहुत अधिक खुश होंगे !!!!।

एक व्यवसायी के रूप में, आपको बहुत सारे विज्ञापन और बहुत सारे ग्राहक मिलते हैं ।

मशीन और संचालन की लागत क्या है ? जैसा कि indiamart पर लिखा गया है, एक used कमर्शियल फोटोकॉपियर मशीन लगभग रु 35,000/-सेरु 50,000/- हो सकती है। । किराए की दुकान के साथ रु 15,000/- एक महीने का किराया देकर , आप बिज़नस शुरू कर सकते हैं। पृष्ठों के पीछे advertisement देने के लिए एडवरटाइजर्स से संपर्क करें । यदि आप प्रति पृष्ठ 8 advertisement रखते हैं तो आप 40 पैसे प्रति advertisement आसानीसे प्राप्त कर सकते हैं । यह अभी भी उन अखबारों के पैम्फलेट इंसर्शन से सस्ता है जो वे उपयोग करते हैं।

इस प्रकार, आपको 40 पैसे * 8 विज्ञापन = रु 3.20/- प्रति पेज मिल शकता है । यदि आप प्रति मिनट 20 कोपिस प्राप्त कर सकते हैं, तो आप प्रति घंटे 1200 प्रतियां और 8 घंटे प्रति 9600 प्रतियां प्राप्त कर सकते हैं, जो सामान्य कामकाजी घंटे हैं । आप और भी काम कर सकते हैं । कागज और बिजली के लिए प्रति कॉपी लागत लगभग 20 पैसे है। इस प्रकार, 8 घंटे कम करनेसे आपको 9600 * 3 = रु 28,800/- प्रति दिन मिलेंगे । जो आता है रु 8,64,000/- प्रति माह ।

यदि आप किसी व्यक्ति को फोटोकॉपी के लिए रखते हैं, तो वह रु 9,000/- प्रति माह लगभग लेगा । किराया रु 15,000/- प्रति माह लगभग होगा । यदि आप रु 15,000/- मार्केटिंग के रूप में, ग्राहक से संपर्क करके के लिए और विविध कोस्ट्सको गिनाते हो तो आप रु 8,25,000/- प्रति माह कमा शकते है । जो आता है रु 99,00,000/- प्रति वर्ष ।



विकास की संभावना उतनी ही है जितनी आपकी कैपेसिटी हैं । एक साल बाद एक, दो, तीन, चार या अधिक मशीनें रखें और आमदनी कई गुना बढ़ जाएगी । अन्य मुफ्त सेवाएं जैसे प्रिंटिंग, बाईन्डिंग, लेमीनेशन और अन्य सेवाएं प्रदान करें । ग्राहकों को न्यूनतम या बिना किसी शुल्क के कुंडली, आधार प्रिंट वगैरह प्रदान करें । पुस्तकों, थीसिस और अन्य सामग्री का बाईन्डिंग एक और बड़ा व्यवसाय है । नौकरियों और एडमिशन के आवेदन के लिए ऑनलाइन फार्म भरना भी बड़ा कम है ! बस मुफ्त देना शुरू करें और फिर एक ब्रांड नाम आपके लिए काम करेगा ।




जंच रहा है  ?

किसके लिए इंतजार कर रहे हो  ?

शुभकामनाएँ....

आगे बढ़ें....


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